Thursday, 5 February 2015

इंसान या चिड़िया........


 ("It is not possible to derive the age of a mature bird from its outer appearance. A five years old bird looks exactly the same as a 15 years old bird.")

देखो ये एक चिड़िया है
सिर्फ़ चिड़िया
ना मोटी ना पतली
ना जवान ना बुढ़िया
बस एक चिड़िया ....
कभी फल खा कर खुश
कभी कीट पतंगे
ना ये हँसती ना रोती
ना है उदास दिखती
बस सिर्फ़ गाकर
दुःख सुख है सुनाती
एहसासों की आग नहीं
अगर राह उड़ता मन भाया कोई
तो बस हो गया
कोई जीवन भर का साथ नहीं
बिछुड़ने पे कोई उदास नहीं
कोई इनका समाज नहीं
हर बार शुरू होती है एक नयी कथा
सारा दिन पंख चलाते हैं
मुश्किल से पेट भर पाते हैं
न कोई धर्म इनका
न पुनर्जन्म का डर इनका
बस जो है वो आज है इनका

इंसान को देखो
ज़रूरत से ज्यादा हैं खाते
हाथ पैर मुश्किल से हिलाते
मोटे मोटे हैं हो जाते
बच्चे से बूढ़े हो
बस प्यार को ढूँढ़ते ढूँढ़ते
सारा जीवन व्यर्थ हैं गवाते
कभी उदास तो कभी निराश
मगर कम ही खुश होते हैं

बताओ अगले जन्म में क्या ?
इंसान या .....
                                 .........मोहन सेठी 'इंतज़ार'