Saturday, 6 December 2014

तो मैं कुछ लिखूं ......


तू मुझे प्यार से अपने दिल में सजोये
तो मैं कुछ लिखूं
प्यार की बू तुझ से आये
तो मैं कुछ लिखूं
प्यार की चिंगार जल जाये
तो मैं कुछ लिखूं
तू एक उम्मीद मेरे दिल में जगाये
तो मैं कुछ लिखूं
तू मेरी धडकनों की रफ़्तार बढ़ाये
तो मैं कुछ लिखूं
तू मुझ में तलब जगाये
तो मैं कुछ लिखूं
तू मेरी उमंगों को आकाश पर उड़ाये
तो मैं कुछ लिखूं
नहीं तो दिल ही तोड़ दे ज़ालिम
टूटे दिल की ही सही... कुछ तो लिखूं
सब जल के ख़ाक हो जाये
तो फिर मैं लिखूं ....
                       .......इंतज़ार